Saturday, 4 February 2012

192_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

".....ईश्वरीय विधान को न जानने से ही सारे दुःख दर्द आते हैं। ईश्वरीय विधान हमारी उन्नति चाहता है। किसी भी व्यक्ति, वस्तु, प्राणी, पदार्थ में हम आबद्ध हुए तो ईश्वरीय विधान हमें वहाँ से ऊपर उठाने के लिए विघ्न बाधाएँ और दण्ड देकर भी सावधान कर देता है। जो प्रेम परमात्मा से करना चाहिए वह प्रेम अगर किसी व्यक्ति, वस्तु, पद से किया तो ईश्वरीय विधान हमें वहाँ से बलात् घसीट लेता है। अतः ईश्वरीय विधान को समझकर सहज मुक्ति के मार्ग पर अग्रसर रहो।"
Pujya asharam ji bapu 

Friday, 3 February 2012

191_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

समग्र संसार के तत्वज्ञान, विज्ञान, गणित, काव्य और कला आपकी आत्मा में से निकलते हैं और निकलते रहेंगे

Pujya asharam ji bapu

190_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

189_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

बंदगी का था कसूर बंदा मुझे बना दिया।

मैं खुद से था बेखबर तभी तो सिर झुका दिया।।

वे थे न मुझसे दूर न मैं उनसे दूर था।
                                    आता न था नजर तो नजर का कसूर था।।

Thursday, 2 February 2012

188_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

पहले रच्यो प्रारब्ध पीछे दियो शरीर।
     तुलसी चिन्ता क्यों करे प्रेम से भजो रघुवीर।।
तुलसीदास जी  :-
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