रह्मचर्यरक्षा के लिए पहले "यौवन सुरक्षा" पुस्तक का गहन अध्ययन कर लेना बड़ा हितकारी होगा। ब्रह्मचर्यरक्षा के लिए एक मंत्र भी हैः
ॐ नमो भगवते महाबले पराक्रमाय मनोभिलाषितं मनः स्तंभ कुरु कुरु स्वाहा।
रोज दूध में निहार कर 21 बार इस मंत्र का जप करें और दूध पी लें। इससे ब्रह्मचर्य की रक्षा होती है। स्वभाव में आत्मसात् कर लेने जैसा यह नियम है।
(इष्टसिद्धि)
Pujya asharam ji bapu




