Monday, 2 January 2012

96_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

रह्मचर्यरक्षा के लिए पहले "यौवन सुरक्षा" पुस्तक का गहन अध्ययन कर लेना बड़ा हितकारी होगा। ब्रह्मचर्यरक्षा के लिए एक मंत्र भी हैः
ॐ नमो भगवते महाबले पराक्रमाय मनोभिलाषितं मनः स्तंभ कुरु कुरु स्वाहा।
रोज दूध में निहार कर 21 बार इस मंत्र का जप करें और दूध पी लें। इससे ब्रह्मचर्य की रक्षा होती है। स्वभाव में आत्मसात् कर लेने जैसा यह नियम है।

(इष्टसिद्धि)

 Pujya asharam ji bapu

Sunday, 1 January 2012

95_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

यो गुरु स शिवः प्रोक्तो, यः शिवः स गुरुस्मृतः |

विकल्पं यस्तु कुर्वीत स नरो गुरुतल्पगः ||



जो गुरु हैं वे ही शिव हैं, जो शिव हैं वे ही गुरु हैं | दोनों में जो अन्तर मानता है वह गुरुपत्नीगमन करनेवाले के समान पापी है |
(श्री गुरुगीता)

94_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

यदि तुम सच्चे हृदय से आतुरतापूर्वक ईश्वर की प्रार्थना करोगे तो ईश्वर गुरु के स्वरूप में तुम्हारे पास आयेंगे।
सच्चे गुरु से अधिक प्रेमपूर्ण, अधिक हितैषी, अधिक कृपालु और अधिक प्रिय व्यक्ति इस विश्व में कोई नहीं हो सकता।
सत्संग का अर्थ है गुरु का सहवास। इस सत्संग के बिना मन ईश्वर की ओर नहीं मुड़ता।
गुरुदेव के साथ किया हुआ एक पल का सत्संग भी लाखों वर्ष किये हुए तप से कई गुना श्रेष्ठ है।
हे साधक ! मनमुखी साधना कभी नहीं करो। पूर्ण श्रद्धा एवं भक्तिभाव से युक्त गुरुमुखी साधना करो।
 Pujya asharam ji bapu

93_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

सुख को भविष्य में मत ढूँढो'यह मिलेगा तब सुखी होऊँगा, इतना करुँगा तब सुखी होऊँगा...' ऐसा नहीं। वर्त्तमान क्षण को ही सुखद बनाने की कला सीख लो, क्योंकि भविष्य कभी आता नहीं और जब भी आता है तब वर्त्तमान बनकर ही आता है।
 Pujya asharam ji bapu

92_THOUGHTS AND QUOTES GIVEN BY PUJYA ASHARAM JI BAPU

तुम आनन्दस्वरूप हो। तुम्हें कौन दुःखी कर सकता है? एक-दो तो क्या... जगत के सारे लोग, और यहाँ तक कि तैंतीस करोड़ देवता मिलकर भी तुम्हें दुःखी करना चाहें तो दुःखी नहीं कर सकते, जब तक कि तुम स्वयं दुःखी होने को तैयार न हो जाओ। सुख-दुःख की परिस्थितियों पर तुम्हारा कोई वश हो या न हो परन्तु सुखी-दुःखी होना तुम्हारे हाथ की बात है। तुम भीतर से स्वीकृति दोगे तभी सुखी या दुःखी बनोगे। मंसूर को लोगों ने सूली पर चढ़ा दिया, परन्तु दुःखी नहीं कर सके। वह सूली पर भी मुस्कराता रहा। 
 Pujya asharam ji bapu
Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...